मैसेज के अनुसार, लेवल-1 (MTS/Peon) कर्मचारियों की मिनिमम पे बेसिक + डीए 18,000 से बढ़कर 1.1.2026 को ₹38,720 होने की उम्मीद है। यानी पूरे 10 सालों में वृद्धि बहुत धीमी रही है, जिसकी वजह से मिनिमम पे उतनी नहीं बढ़ पाई, जितनी होनी चाहिए थी।
टेबल/ग्राफ के अनुसार Year-by-Year Minimum Pay:
- 2016 → ₹18,000
- 2017 → ₹19,240
- 2018 → ₹20,437
- 2019 → ₹22,264
- 2020 → ₹24,563
- 2021 → ₹26,752
- 2022 → ₹28,810
- 2023 → ₹31,382
- 2024 → ₹34,200
- 2025 → ₹36,425
- 2026 → ₹38,720
जैसा आपको बताया गया कि शुरुआती सालों में 1000–2000 की ग्रोथ दिखी, लेकिन बाद के वर्षों में वृद्धि धीमी होती चली गई। इस कारण 2026 की मिनिमम पे 45,000 के आसपास नहीं पहुंच पाई, जो होनी चाहिए थी।
Fitment Factor (8th CPC) कितना बनता है?
नए अपडेट और मीडिया की माने तो अब Fitment Factor इतना होने वाला हैं,
- 2026 की न्यूनतम वेतन: ₹38,720
- 7th CPC की न्यूनतम वेतन: ₹18,000
फिटमेंट फैक्टर = 38,720 ÷ 18,000 = 2.15
यानी आंकड़ों के अनुसार 8th CPC का फिटमेंट फैक्टर 2.15 बनता है।
न्यूज अपडेट में यह भी कहा गया कि
- DA/DR का प्रतिशत 60% लेने पर भी फिटमेंट फैक्टर 2.00 से नीचे, यानी 1.92 बनता है।
- इसलिए 2.86 या 2.57 जैसी मांगों का आंकड़ों के आधार पर कोई जस्टिफिकेशन नहीं बनता।
क्यों ज़रूरी है सही मिनिमम पे?
आगे में बताया गया कि जीवन-यापन लागत (Cost of Living) और रोज़मर्रा में इस्तेमाल होने वाले आइटम्स के बढ़ते खर्च को देखते हुए कर्मचारियों को उचित वेतन मिलना चाहिए।
फिर भी, 2016–2026 के पूरे 10 साल में मिनिमम पे महज़ 38,720 तक ही पहुंच पाई, जो बढ़ती महंगाई के मुकाबले पर्याप्त नहीं है।
8th CPC News
- 10 साल में सैलरी ग्रोथ धीमी रही
- 2026 की मिनिमम पे 40,000 से कम रह गई
- Fitment Factor केवल 2.15 के आसपास बन रहा है
- 8th CPC में अधिक फिटमेंट फैक्टर मिलना मुश्किल दिख रहा है
आगे सरकार क्या फैसला लेती है, यह तो समय बताएगा, लेकिन आंकड़ों के अनुसार फिलहाल फिटमेंट फैक्टर 2.15 ही नजर आता है।

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